एनीमिया जांच, पैप स्मीयर स्क्रीनिंग और HPV टीकाकरण — Bhamini Foundation के तीन प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रम, जो मिलकर हर महिला के जीवन को सुरक्षित और सशक्त बनाते हैं।
सुरक्षित कल की नींव — Bhamini Foundation
HPV यानी Human Papillomavirus एक सामान्य वायरस है जो यौन संपर्क से फैलता है। यह वायरस महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) का सबसे बड़ा कारण है। भारत में हर साल लगभग 1.25 लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित होती हैं।
गाँव-गाँव जाकर महिलाओं और किशोरियों को HPV वायरस, उसके खतरे और बचाव के बारे में सरल भाषा में समझाया जाता है।
9 से 26 वर्ष की किशोरियों और युवा महिलाओं के लिए मुफ्त HPV वैक्सीन शिविर आयोजित किए जाते हैं। यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से 90% तक सुरक्षा देती है।
30 वर्ष से अधिक महिलाओं के लिए HPV DNA टेस्ट करवाया जाता है जिससे वायरस की पहचान जल्दी हो सके और समय पर इलाज मिल सके।
माता-पिता को बेटियों के टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाता है और उनकी गलतफहमियां दूर की जाती हैं।
"हर बेटी को HPV वैक्सीन का अधिकार है। यह टीका न सिर्फ एक बीमारी से बचाता है, बल्कि एक पूरी जिंदगी बचाता है।"
खून की कमी से मुक्ति — Bhamini Foundation
एनीमिया यानी खून में हीमोग्लोबिन की कमी, जिससे शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती। भारत में हर 2 में से 1 महिला किसी न किसी स्तर के एनीमिया से पीड़ित है, जिसका सीधा असर उनकी ऊर्जा, कार्यक्षमता और गर्भावस्था पर पड़ता है।
एनीमिया के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में महिलाओं व किशोरियों को सरल भाषा में समझाया जाता है।
निःशुल्क हीमोग्लोबिन जांच शिविर आयोजित कर मौके पर ही रिजल्ट दिया जाता है।
जरूरतमंद महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड सप्लीमेंट और संतुलित आहार की सलाह दी जाती है।
घर के भोजन में आयरन-युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने के लिए पूरे परिवार को जागरूक किया जाता है।
"स्वस्थ खून ही स्वस्थ जीवन की नींव है। हर महिला को अपनी ऊर्जा और सेहत पर ध्यान देने का पूरा हक़ है।"
समय पर जांच, सुरक्षित जीवन — Bhamini Foundation
पैप स्मीयर टेस्ट गर्भाशय ग्रीवा (cervix) की कोशिकाओं की जांच कर सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षणों का पता लगाता है — तब भी जब कोई लक्षण नज़र न आ रहे हों। समय पर पहचान होने पर सर्वाइकल कैंसर लगभग पूरी तरह रोका जा सकता है।
महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के खतरे और पैप स्मीयर टेस्ट के महत्व के बारे में समझाया जाता है।
21-65 वर्ष की महिलाओं के लिए निःशुल्क पैप स्मीयर स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जाते हैं।
सैंपल की जांच प्रमाणित लैब में करवाई जाती है ताकि सटीक रिजल्ट मिल सके।
असामान्य रिजल्ट आने पर आगे के इलाज व विशेषज्ञ परामर्श के लिए जोड़ा जाता है।
"एक छोटी सी जांच, एक पूरी जिंदगी बचा सकती है। समय पर जांच ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।"